हमारी नवीनतम फ़िल्म : अड़तालीस घंटे
>> Wednesday, February 4, 2009
डी एन ऐ समाचार पत्र ने फ़िल्म पर एक विशेष रिपोर्ट प्रकाशित की है यहाँ ।
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अमिताभ बच्चन और धर्मेन्द्र ने वैसे तो बहुत सी फिल्मों मे साथ काम किया है और कई फिल्मों में बतौर मेहमान कलाकार भी नज़र आए हैं, पर १९७७ में आई फ़िल्म चरणदास का यह गीत कुछ अलग ही है, जिसमें ये दोनों महानायक कव्वाल बने क़व्वाली करते नज़र आए हैं। आवाजें हैं (मेरी जानकारी के मुताबिक) अज़ीज़ नाजां साहब और येसुदास जी की।
मुझे ना तो ये क़व्वाली कभी सुनने को मिली न ये फ़िल्म देखने को। फ़िल्म वैसे भी काफ़ी गुमनाम सी ही है जो आई और चली गई परन्तु जब से यह यह दुर्लभ विडियो मुझे प्राप्त हुआ (मेरे मित्र दिव्य सोल्गामा जी के सौजन्य से, जिन्हें बॉलीवुड से सम्बंधित दुर्लभ विडियो, गीत, फिल्में संग्रह करने का शौक है) तब से मैं इस गीत को गुनगुना रहा हूँ।
गीत के अंत में धर्मेन्द्र का मस्ती भरा नृत्य देखना न भूलें।
नहीं नहीं तारे ज़मीन पर मे ईशान नंदकिशोर अवस्थी की प्यारी सी परेशान मम्मी टिस्का चोपडा किसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर नहीं आई हैं। मैं बात कर रहा हूँ बॉलीवुड में उनकी पहली फ़िल्म के विषय में। तारे ज़मीन पर के साथ बॉलीवुड में दूसरी एंट्री करने वाली टिस्का इससे पहले भी दो और नामो के साथ बॉलीवुड में अपनी तकदीर आज़मा चुकी हैं। प्रिया नाम के साथ 1990 में आई फ़िल्म गुलाबी रातें में एक छोटे से रोल के साथ टिस्का ने अपने करियर की शुरुआत की, पर उन्हें सही ब्रेक मिला 1993 में अजय देवगन के साथ, फ़िल्म थी प्लेटफॉर्म। फ़िल्म का एक गीत बड़ा चला था - मैं शमा तू परवाना। खैर गाने चलने के बावजूद न तो फ़िल्म चली, न टिस्का।
आप देखिये फ़िल्म का सबसे चर्चित गीत -
इसके बाद भी प्रिया /टिस्का ने कुछ छोटी बड़ी फिल्मों में छोटे मोटे रोल्स किए, पर तकदीर उनसे रूठी रही। ऐसी ही एक फ़िल्म थी 1994 में आई फ़िल्म बाली उमर को सलाम जिसमें प्रिया ने अपने पूरे नाम प्रिया अरोरा के साथ
नज़र आई कमल सदाना के साथ। फ़िल्म का संगीत था बप्पी लाहिरी का, जो काफ़ी चला मगर फ़िल्म नहीं चली।
फ़िल्म का एक गीत जो खासा चला था -
इसके बाद मणिरत्नम की बॉम्बे और ना जाने ऐसी कितनी फिल्मों में बहुत छोटे छोटे रोल्स निभा कर टिस्का अपने मॉडलिंग करियर पर ध्यान देने लगी। बीच में किए दो तीन टीवी सिरिअल्स पर अब उनका नाम प्रिया या प्रिया अरोरा नहीं टिस्का चोपडा था। फ़िर तो बस टिस्का ने हैदराबाद ब्लूज़ 2 की साथ में की कुछ क्रॉस ओवर फिल्में और Olay का विज्ञापन करके बन गई घर घर में जाना पहचाना नाम।
सफलता अब अधिक दूर नहीं थी। तारे ज़मीन पर में ईशान की परेशान माँ माया अवस्थी का किरदार निभा कर टिस्का बन गई हैं देश की सबसे चहेती माँ।
प्लेटफॉर्म से तारों तक का ये सफर आसान तो बिल्कुल नहीं रहा होगा, पर टिस्का की मुस्कान सारे संघर्षों को धता बताती वैसी की वैसी है, जैसी तब हुआ करती थी।
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